CTC और इन-हैंड सैलरी में फ़र्क

₹10 लाख का ऑफ़र मिला, तो हर महीने ₹83,333 आएँगे? नहीं। PF, प्रोफेशनल टैक्स और इनकम टैक्स के बाद असली रकम देखिए।

22 अक्टूबर 2026 · संतोष जोशी · Compound Cave

CTC (Cost to Company) वह कुल रकम है जो कंपनी आप पर साल में खर्च करती है। इसमें कंपनी का PF हिस्सा भी होता है, जो आपके खाते में नहीं आता। फिर आपकी सैलरी से आपका PF, प्रोफेशनल टैक्स और इनकम टैक्स कटता है।

CTCकंपनी + आपका PF (हर एक)इनकम टैक्स (साल)साल में हाथ मेंहर महीने हाथ में
₹6,00,000₹36,000₹0₹5,25,500₹43,792
₹10,00,000₹60,000₹0₹8,77,500₹73,125
₹15,00,000₹90,000₹83,460₹12,34,040₹1,02,837
₹25,00,000₹1,50,000₹2,79,500₹19,18,000₹1,59,833

यह फ़र्क कहाँ जाता है?

  • PF: बेसिक का 12% आपकी तरफ़ से और 12% कंपनी की तरफ़ से। यह आपकी ही बचत है, बस अभी हाथ में नहीं आती।
  • प्रोफेशनल टैक्स: ज़्यादातर राज्यों में साल में अधिकतम ₹2,500।
  • इनकम टैक्स: नए रिजीम में ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर शून्य।

ऑफ़र लेटर में ये भी देखें

  • वेरिएबल पे या बोनस: CTC में जुड़ा होता है, पर साल के अंत में और प्रदर्शन के हिसाब से मिलता है।
  • ग्रेच्युटी: कुछ कंपनियाँ इसे CTC में दिखाती हैं, जो 5 साल नौकरी के बाद ही मिलती है।
  • PF की सीमा: कई कंपनियाँ PF ₹1,800 महीने पर सीमित रखती हैं, जिससे हाथ में सैलरी बढ़ती है।

हिसाब: बेसिक = CTC का 50%, PF पूरी बेसिक का 12%, प्रोफेशनल टैक्स ₹2,500, नया टैक्स रिजीम 2026-27। अपनी कंपनी के ढाँचे से सैलरी कैलकुलेटर में बदलें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बेसिक सैलरी कम हो तो क्या होता है?

बेसिक कम होने पर PF कम कटता है, इसलिए हाथ में सैलरी थोड़ी बढ़ती है, पर रिटायरमेंट बचत और ग्रेच्युटी घटती है।

HRA से इन-हैंड बढ़ता है?

HRA छूट सिर्फ़ पुराने रिजीम में मिलती है और किराया देने पर ही। नए रिजीम में HRA पूरा टैक्सेबल है।

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